कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना 2027 को पूर्णतः डिजिटल मोड में संपादित करने से संबंधित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर पी सी शाक्य, जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता, एसडीएम, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित समिति के सदस्यगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जनगणना कार्य निदेशालय संयुक्त निदेशकनमित यादव, सहायक निदेशक ऐन्सी रेजी द्वारा प्रथम चरण मकान सूचीकरण के जिला स्तरीय प्रशिक्षण में प्रथम चरण (01 से 30 मई तक ) में की जानी वाली आवश्यक कार्यवाही संबंधी प्रशिक्षण दिया। साथ ही जिला प्रभारी द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक में डिजिटल जनगणना प्रक्रिया, डाटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता, प्रभावी कार्य प्रणाली एवं निगरानी व्यवस्था। जनगणना कार्यक्रम: प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) – 1 मई से 30 मई 2026, द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 से प्रारंभ की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को पूर्ण गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ समय-सीमा में संपादित किया जाए,। जिला स्तर पर मानव संसाधन, मकान सूचीकरण ब्लॉक (एच एल बी) एवं दलों के गठन कर उनका प्रशिक्षण समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए ताकि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति नियत समय में सुनिश्चित हो सके।
जनगणना 2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। यह गांव, शहर एवं वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा एवं विश्वसनीय स्रोत है। जनगणना-2027 पूर्णतः डिजिटल होगी तथा पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्युमरेशन) का विकल्प प्रदान किया गया है। आंकड़ों का संकलन स्व-गणना पोर्टल एवं मोबाइल एप (एचएलओ एप) के माध्यम से किया जाएगा। मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन एचएलबीसी वेब पोर्टल से तथा प्रबंधन एवं निगरानी सीएमएमएस वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। घर-सूचीकरण चरण में भवन उपयोग सहित 33 बिंदुओं पर जानकारी दर्ज की जाएगी।


















