खाकी के संरक्षण में चल रहा जहर का कारोबार, सिंगरौली की सड़कों पर मौत की बोतलें बिक रहीं खुलेआम
इंडिया टीवी एमपी तक न्यूज़ नेटवर्क सिंगरौली। जिले में नशे का कारोबार अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन नशामुक्त सिंगरौली 2.0 अभियान के बावजूद देवसर एसडीओपी और जियावन थाना प्रभारी की लापरवाही ने इस मिशन को कमजोर कर दिया है। पुलिस का सिस्टम फेल नजर आ रहा है और अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब नशे का धंधा खुलेआम चल रहा है — वो भी खाकी की मौजूदगी में।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, देवसर और जियावन क्षेत्रों में कई होटलों, ढाबों और गुमटियों में देसी-विदेशी शराब, गांजा, अफीम और नशीली गोलियों की बिक्री खुलेआम हो रही है। कुछ ठेकेदार और कारोबारियों ने पुलिस व आबकारी विभाग के अफसरों से सांठगांठ कर रखी है। बताया जा रहा है कि महीने के हिसाब से मोटे वसूली रेट तय हैं, जिससे यह पूरा नेटवर्क प्रशासन की नाक के नीचे फलफूल रहा है।
गौर करने वाली बात यह है कि आईजी गौरव राजपूत लगातार ऑपरेशन नशामुक्त की समीक्षा कर रहे हैं और जिले के पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रहे हैं कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। लेकिन जियावन थाना और देवसर एसडीओपी दफ्तर के अधिकारी इस अभियान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
परिणामस्वरूप, देवसर क्षेत्र अब नशे का हब बन चुका है।
शाम ढलते ही सड़क किनारे शराब की बोतलें बिकती हैं, होटलों में शराब परोसी जाती है, और युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है। नाबालिग छात्र तक अब इस जाल में आ चुके हैं, जिससे समाज और परिवार दोनों ही बर्बादी की ओर बढ़ रहे हैं।
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स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आईजी गौरव राजपूत से हस्तक्षेप की मांग की है
उनका कहना है कि देवसर व जियावन क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत उजागर करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाई जानी चाहिए।



















