नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज के भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक बुराई है। “नशा ही नाश की जड़ है” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर ही नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता पैदा की जा सकती है। इसी उद्देश्य से नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बुधवार को टीटी नगर स्टेडियम में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों को नशे से दूर रहने, मादक पदार्थों का सेवन नहीं करने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश प्रसारित करने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उसके पारिवारिक संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा, आर्थिक स्थिति और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। विशेष रूप से युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना आवश्यक है, ताकि वे अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का उपयोग सकारात्मक कार्यों एवं राष्ट्र निर्माण में कर सकें।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि “नशा ही नाश की जड़ है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला महत्वपूर्ण संदेश है। नशे की शुरुआत व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे प्रभावित करती है और इसका दुष्परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सम्बंधित ख़बरें


















