मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने युवा कल्याण और नवाचार की दिशा में एक नया और अभूतपूर्व इतिहास रचा है। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज परिसर में आयोजित समारोह में भारत की सर्वप्रथम ‘सोशल इम्पैक्ट बॉण्ड फ्रेमवर्क परियोजना’ के अंतर्गत एनएसई-सोशल स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक लिस्टिंग, बेल-रिंगिंग सेरेमनी एवं त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किए गए।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि प्रदेश और विभाग के लिए यह अत्यंत गौरवशाली विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप सामाजिक कल्याण योजनाओं के पारदर्शी एवं प्रभावी वित्तीय प्रबंधन के लिए सोशल स्टॉक एक्सचेंज का सफल क्रियान्वयन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला और अग्रणी राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश शासन का पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग इस अभिनव ‘सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड’ वित्तीय मॉडल के माध्यम से छात्रों के कल्याण की दिशा में कदम उठाने वाला देश का पहला विभाग बना है।
जापान और जर्मनी में अंतर्राष्ट्रीय रोजगार से युवा बनेंगे स्वावलंबी
राज्य मंत्री गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, नाबार्ड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के संयुक्त एवं समन्वित प्रयासों से यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हुई है। योजना के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में निवासरत अन्य पिछड़ा वर्ग के 600 होनहार युवाओं को (300 युवा जापान एवं 300 युवा जर्मनी) गुणवत्तापूर्ण आवासीय कौशल प्रशिक्षण, संबंधित देश की भाषा का गहन ज्ञान एवं विशिष्ट व्यावसायिक प्रदान कर विकसित देशों में अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के स्वर्णिम अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परियोजना के इश्यू को निवेशकों द्वारा ओवर-सब्सक्राइब किया जाना इसकी विश्वसनीयता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है। युवाओं को वैश्विक मंच पर गरिमापूर्ण रोजगार मिलने से उनमें आत्म-गौरव, आत्मविश्वास एवं स्वावलंबन की भावना सुदृढ़ होगी।
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