कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत आयोजित कृषि विज्ञान एवं मिलेट मेला में प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मिलेट केवल फसल नहीं, बल्कि स्वस्थ भविष्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि जिसे कभी मोटा अनाज कहा जाता था, आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वही अनाज “अन्न” के रूप में विश्वभर में सम्मान पा रहा है।
कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि अन्न आयरन, कैल्शियम एवं फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है तथा कुपोषण के विरुद्ध हमारी लड़ाई में मजबूत सहायक सिद्ध हो रहा है। साथ ही मिलेट कम पानी, कम खाद एवं प्रतिकूल जलवायु में भी बेहतर उत्पादन देता है, जिससे जल संरक्षण के साथ किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।
कंषाना ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान वैज्ञानिक खेती, कम लागत, अधिक उत्पादन और अधिक आय की ओर अग्रसर हों। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नवीन तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे श्रम की बचत होगी, उत्पादन बढ़ेगा और युवा भी खेती से जुड़ेंगे।
मेले के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों को प्रदर्शित उन्नत कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक सलाह का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में किसान भाई-बहनों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
इस दौरान विधायक दक्षिण-पश्चिम भोपाल श्री भगवानदास सबनानी , जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोपाल मोहन सिंह जाट , जनपद अध्यक्ष बैरसिया कुबेर सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
अंत में कंषाना जी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृषि विज्ञान एवं मिलेट मेला किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा तथा कृषक कल्याण वर्ष 2026 को ऐतिहासिक बनाएगा। उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि अन्न को बढ़ावा देंगे, वैज्ञानिक खेती अपनाएंगे और किसान को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाएंगे।
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