प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर नल से जल के साथ खुशियां भी पहुंचाने के विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मिशन को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी पूरी तत्परता के साथ पूर्ण करने में सक्रिय हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंगलवार को मंत्रालय में जल जीवन मिशन के कार्यों की सूक्ष्मता से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जल जीवन मिशन की शेष योजनाओं में कार्य की गति तेज़ करते हुए हर ग्राम के हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। गुणवत्ता नियंत्रण एवं नियमित पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाओं को मजबूती से लागू किया जाए। शासन की मंशा है कि जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अख्तियार की जाए। उन्होंने अब तक 80 लाख 52 हजार 82 घरों तक नल कनेक्शन दिए जाने के कार्य पर संतोष व्यक्त किया। बैठक में बताया गया कि यह प्रगति 72 प्रतिशत से अधिक है और मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य बन रहा है।
प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने बताया कि विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है कि जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय – सीमा में पूर्ण हों एवं किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता न हो। कार्यों के क्रियान्वयन में विलंब करने के कारण अभी तक विभाग द्वारा कुल 280 एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। साथ ही 22 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टिंग के साथ उनके अनुबंधों को निरस्त करने की कार्यवाही की गई है। जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ताविहीन सामग्री आपूर्ति तथा निविदा प्रक्रिया का उल्लंघन करने वाले 10 अधिकारियों के विरूद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है। फर्जी बैंक गारंटी जमा करने का मामला जब विभाग के संज्ञान में आया तो उस ठेकेदार के विरूद्ध विभाग ने न केवल टर्मीनेशन की कार्यवाही की बल्कि ठेकेदार के विरूद्ध सी.बी.आई. में केस भी दर्ज कराया है। विभाग ने अब तक लगभग 30 करोड़ की पेनाल्टी भी एजेंसियों पर लगाई है।
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