आयुक्त जनसंपर्क दीपक सक्सेना ने कहा है कि जनसंपर्क अधिकारी जन कल्याण के लिए शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रिंट , इलेक्ट्रानिक , डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाएं। साथ ही आमजन की भावनाओं, आवश्यकताओं से निरंतर शासन और प्रशासन को अवगत कराएं। मीडिया, जनप्रतिनिधियों , अधिकारिओं और समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद और सम्पर्क कर जनहित में सूचनाओं का त्वरित संप्रेषण करें।
जनसंपर्क आयुक्त श्री सक्सेना बुधवार को भोपाल में जनसंपर्क अधिकारियों की राज्य स्तरीय दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ पंकज श्रीवास्तव, मनोज मनु, शरद द्विवेदी और सचिन चौधरी ने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक , सोशल और डिजिटल मीडिया के संबंध में सारगर्भित जानकारी दी. कार्यशाला में माइंड स्टॉर्मिंग सेशन हुए, जिनमें आयुक्त जनसंपर्क सक्सेना और विषय- विशेषज्ञों द्वारा जनसंपर्क अधिकारियों से गहन संवाद किया गया। अपर संचालक जी. एस. वाधवा एवं संजय जैन संयुक्त संचालक पंकज मित्तल, अशोक मनवानी, आर आर पटेल सहित प्रदेश के सभी संभागीय और जिला जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित थे।
आयुक्त सक्सेना ने कहा कि जनसंपर्क विभाग जनता और शासन के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करता है। एक और जहां विभाग जनता की भावनाओं को शासन प्रशासन को संप्रेषित करता है, वहीं दूसरी ओर शासन की योजनाओं और कार्यों को आम जनता तक पहुँचाता है। विभाग मीडिया के सहयोग से इस कार्य को बखूबी अंजाम देता है। जनसंपर्क अधिकारी अपनी इस ताकत को पहचाने और सक्रिय एवं सजग होकर कार्य करें।
आयुक्त सक्सेना ने कहा कि बीते वर्षों में मीडिया का परिदृश्य बहुत बदल गया है। आज रियल टाइम रिपोर्टिंग की आवश्यकता है। जनसंपर्क अधिकारी प्रिंट मीडिया को समय पर उपलब्ध कराने समाचार के साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल/ सोशल मीडिया को भी उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समाचार उपलब्ध कराए। जनसंपर्क अधिकारी केवल शासकीय बैठकों और कार्यक्रमों के कवरेज तक ही सीमित न रहें। फील्ड में जाकर शासन की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर केन्द्रित और नागरिकों की भावनाओं को शामिल कर समाचार बनाएं।
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जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि मीडिया के बदलते हुए स्वरुप के अनुसार समाचारों की हैडिंग और वन लाइनर्स पर विशेष ध्यान दें। शासन के प्राथमिकता वाले विषयों जैसे किसान, महिला, बच्चे, युवा कल्याण-कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। शासन के मेगा प्रोजेक्ट का भी व्यापक प्रचार प्रसार हो।



















