बुंदेलखंड की क्रांति ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि स्थापित की है। क्रांति की तरह अन्य होनहार खिलाड़ी अपना टैलेंट दिखाकर नाम रोशन करें। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह विचार 69वीं शालेय खेल प्रतियोगिता के रंगारंग समापन अवसर पर सागर के खेल परिसर मैदान में व्यक्त किये।
मंत्री राजपूत ने कहा कि जिसके दिल में प्रतिभा होती है वह किसी की मोहताज नहीं होती और यह सब कर दिखाया है हमारे सागर संभाग एवं बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने। जब उसने अपनी छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया और लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने क्रांति से मोबाइल पर चर्चा कर उसको बधाई दी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा क्रांति को सम्मान के स्वरूप एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया जा रहा है और हमारी महिला बहनों के लिए आगे बढ़ने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले एक कहावत थी कि पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगी नवाब खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब। लेकिन अब यह कहावत थोड़ी अलग हो गई है। पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब वहीं खेलोगे कूदोगे तब भी बनोगे नवाब। इसलिए खेलना आवश्यक है।
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