एक ओर सरकार द्वारा गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न बांटकर उनके जीवन स्तर में सुधार करने व उन्हें सुख सुविधाएं मुहैया कराने का भरसक प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर खाद्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की मनमानी के चलते एक कोटेदार इन गरीबों की जेब में डाका डालकर अपनी तिजोड़ी भरने का काम किया जा रहा है |मामला मऊगंज जिले की सीतापुर सोसायटी का है जहां पर कोटेदार पुष्पेन्द्र पटेल द्वारा एक ओर तो गरीबों को उनके हक की शक्कर नहीं बांटी जा रही है तो दूसरी ओर इन्हीं गरीबों से नमक के नाम पर लूट की जा रही है, आपको बता दें कि कोटेदार पुष्पेन्द्र पटेल द्वारा सीतापुर कोटे के इन उपभोक्ताओं से नमक के पैकेट पर एक रुपये की जगह पांच रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से पैसे वसूले जा रहे हैं |आपको बता दें कि शासन द्वारा गरीबों के लिये एक रूपये किलो अर्थात एक रूपये पैकेट के हिसाब से नमक दिया जाता है ताकि ये गरीब उपभोक्ता आसानी के साथ अपना गुजर -बसर कर सकें व अपना जीवन स्तर और भी बेहतर कर सकें लेकिन इसके विपरीत सीतापुर कोटे के कोटेदार पुष्पेन्द्र पटेल द्वारा इन गरीबों से पांच रुपये किलो के हिसाब से नमक देकर अपनी जेब भरी जा रही है, इस मामले में फूडइंस्पेक्टर से बात करने पर उनके द्वारा कार्यवाही करने की बात अवश्य कही गयी लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस तरह से उपभोक्ताओं द्वारा स्पष्ट रूप से बतलाया गया कि कोटेदार द्वारा हमेशा से ही नमक के एक पैकेट के बदले उनसे पांच रुपये लिये जाते रहे हैं, ऐसे में इन गरीबों से अवैध रूप से पैसे वसूलने वाले इस कोटेदार के विरुद्ध क्या प्रशासन कार्यवाही कर इनके पैसे वापस कराएगा या फिर इस मामले में भी खाद्य विभाग मात्र खानापूर्ति कर अपनी पीठ थपथपाने का दिखावा करता नजर आएगा,
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