सिंगरौली, मध्यप्रदेश।
प्रदेश सरकार भले ही अपराध और अवैध कारोबार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का दावा कर रही हो, लेकिन सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ोखर चौराहा इसका सीधा विरोधाभास पेश कर रहा है। यहां कबाड़ के नाम पर एक संगठित और बेखौफ अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। इस कारोबार को स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, विशेष रूप से वर्षों से बरगवां थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक सिंह का, जो क्षेत्र में कबाड़ माफियाओं से वसूली कर रहे हैं।
बिना लाइसेंस के संचालित हो रही कबाड़ की दुकानें
बड़ोखर चौराहा, जो कभी सामान्य व्यापारिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था, अब कबाड़ माफियाओं का गढ़ बन गया है। यहां कई कबाड़ की दुकानें बिना किसी वैध लाइसेंस या नगर निगम की अनुमति के संचालित हो रही हैं। इन दुकानों में चोरी की गाड़ियां, निर्माण सामग्री, कृषि उपकरण, लोहे की सरिया और मशीनें खुलेआम बेची और खरीदी जाती हैं। कोई वैधानिक पंजीयन, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, फायर एनओसी या पर्यावरणीय अनुमति नहीं ली गई है, फिर भी प्रशासन पूरी तरह चुप है।
कबाड़ में तब्दील हो जाता है चोरी का माल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कोई भी चोरी का सामान जैसे दोपहिया, चारपहिया वाहन, मशीनरी, पाइप, बोरिंग मोटर आदि कुछ ही घंटों में कबाड़ बनाकर गायब कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगती। चोरी का माल कबाड़ में इस तरह तब्दील किया जाता है कि उसकी पहचान संभव नहीं रह जाती।
पुलिस की भूमिका पर सवाल, आरक्षक सिंह की संलिप्तता उजागर
जनता का आरोप है कि बरगवां थाना क्षेत्र में वर्षों से पदस्थ प्रधान आरक्षक सिंह कबाड़ कारोबारियों से सीधी वसूली करते हैं। बदले में वे अवैध दुकानों को छापे और कानूनी कार्यवाही से बचाते हैं। सेवा नियमों के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी को इतने लंबे समय तक गृह जिले में नहीं रखा जाना चाहिए, लेकिन सिंह न सिर्फ जमे हुए हैं, बल्कि पूरी अवैध व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं।
जनता त्रस्त, प्रशासन मौन
क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। निर्माणाधीन मकानों से सरिया, सीमेंट, मशीनें चोरी हो रही हैं। कृषि उपकरण, पानी की मोटर, पाइपलाइन तक गायब हो रहे हैं। लोग अब अपने घरों को ताला लगाकर भी सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे। स्थिति यह है कि चोरों के हौसले बुलंद हैं और जनता भय में जी रही है। लेकिन इन घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
जिला प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में
सम्बंधित ख़बरें





प्रश्न यह उठता है कि जब एक पूरा चौराहा बिना लाइसेंस, अवैध रूप से संचालित हो रहा है और क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, तब जिला प्रशासन क्या कर रहा है? क्या संबंधित अधिकारियों को जानकारी नहीं है या वे जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं? कबाड़ कारोबारियों की आर्थिक और राजनीतिक पकड़ क्या प्रशासन से भी बड़ी हो चुकी है?
जनता की मांग
प्रधान आरक्षक सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और उन पर विभागीय जांच बैठाई जाए बड़ोखर चौराहा स्थित सभी कबाड़ दुकानों की वैधता की जांच की जाए।चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में लिप्त दुकानों को सील किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं।स्थानीय पुलिस की भूमिका की स्वतंत्र जांच की जाए और दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए।
बरगवां क्षेत्र में कबाड़ की आड़ में एक संगठित आपराधिक नेटवर्क चल रहा है। इसमें चोरी, अवैध खरीद-फरोख्त, पुलिस संरक्षण और प्रशासनिक निष्क्रियता सभी शामिल हैं। अगर समय रहते इस पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो सिंगरौली जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति और खराब हो जाएगी और जनता का प्रशासन से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।
Author
-
GOVT.REG-MP-0001789 इंडिया टीवी एमपी तक न्यूज़ चैनल तेजी से बढ़ता विश्वसनीय न्यूज़ नेटवर्क संपादक राम किशोर विश्वकर्मा हर तरफ की खबर अपडेट के साथ
View all posts