मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की विद्युत क्षमता का 30 प्रतिशत क्लीन एनर्जी का है। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा का भी सेंटर बन रहा है। विद्युत कंपनियों में वर्षों से लंबित पदोन्नति का रास्ता साफ करते हुए 9 हजार से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इससे हमारे कर्मचारियों में नया उत्साह और आगे बढ़ने का विश्वास पैदा हुआ है। विद्युत कंपनियों में लगभग 20 वर्षों से लंबित फ्रिज बेनिफिट का भी समाधान किंया गया है। इसमें नाइट शिफ्ट अलाउंस, कन्वेंस अलाउंस, कंपनसेटरी अलाउंस सहित विभिन्न भत्तों को रिवाइज किया गया। इस निर्णय का लाभ लगभग 25 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को मिल रहा है। विद्युत कंपनियों के अभियंताओं की तीन वेतन विसंगतियों का भी समाधान किया गया है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान से हमारे अभियंताओं को राहत मिली है। अधिकारी-कर्मचारियों के परिवार का स्वास्थ्य हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में अभियंताओं और कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिक्लेम बीमा योजना लागू की गई है। साथ ही, मध्यप्रदेश की विद्युत कंपनियों में कंपनी कैडर के अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोलर रूफटॉप योजना भी लागू की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऊर्जा विभाग के अभियंता और कर्मचारियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह का रविंद्र भवन में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध पावर इंजिनियर्स एंड एम्पलाइज एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा कर्मचारी और अभियंताओं के हित में लिए गए निर्णयों के लिए उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
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