मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सभी क्षेत्रों में सशक्त हो रहा है। भारत के पास अपने सामर्थ्य से हर प्रकार की चुनौती से निपटने की क्षमता है।
जिस प्रकार रामायण में जामवंत ने समुद्र लांघने के लिए हनुमान जी को उनकी शक्ति से परिचित कराया था, उसी प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को उसके सामर्थ्य से परिचित कराया है। आज स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनामी। हमारी संस्थाओं को कौशल, शोध, नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनना होगा। पब्लिकेशन से लेकर पेटेंट तक, पेटेंट से प्रोटोटाइप तक और प्रोटोटाइप से लेकर एंटरप्राइज की इकोनामिक और नॉलेज वैल्यू चैन की स्थापना करनी होगी। मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और प्रतिभाशाली युवा, प्राकृतिक संसाधन, कृषि शक्ति, उद्यमशीलता और औद्योगिक क्षमता हमारे संसाधन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीटयूशन्स फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्जलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।
“वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” रही कॉन्क्लेव की थीम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर स्मारिका-समृद्ध मध्यप्रदेश @ 2047 केन्द्रीय संस्थाओं का सम्मेलन विमोचन किया। कॉन्क्लेव अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा आयोजित किया गया। “वन इंस्टीट्यूट–वन प्रॉमिस” की थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश में स्थित केन्द्रीय संस्थाओं की समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्य प्राप्ति में भागीदारी और सहभागिता सुनिश्चित करना है। कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में विभिन्न संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
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