एनीमिया मुक्त भारत (AMB) अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में मध्यप्रदेश को दो अलग-अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। प्रदेश को सभी छह लक्षित लाभार्थी समूहों में आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) अनुपूरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए देश में तृतीय स्थान मिला है, वहीं एनीमिया नियंत्रण एवं जन-जागरूकता से संबंधित उत्कृष्ट IEC सामग्री के लिए “Best IEC Display” सम्मान प्रदान किया गया।
सभी छह लाभार्थी समूहों तक IFA अनुपूरण की प्रभावी पहुंच
एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा एनीमिया की रोकथाम के लिए Life-Cycle Approach अपनाई गई है। इसके तहत जीवन-चक्र के विभिन्न चरणों में आने वाले सभी छह निर्धारित लाभार्थी समूहों तक निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार IFA अनुपूरण पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रदेश में 6–59 माह के बच्चों को IFA सिरप, 5–9 वर्ष के बच्चों को IFA की गुलाबी गोली, 10–19 वर्ष के किशोर-किशोरियों को IFA की नीली गोली तथा 20–49 वर्ष की प्रजनन आयु की महिलाओं को IFA की लाल गोली उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रकार गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को भी निर्धारित अवधि एवं प्रोटोकॉल के अनुसार IFA अनुपूरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रकार शैशवावस्था से लेकर किशोरावस्था, प्रजनन आयु, गर्भावस्था एवं स्तनपान की अवधि तक एनीमिया की रोकथाम के लिए निरंतरता आधारित दृष्टिकोण अपनाया गया है।
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IFA अनुपूरण की पहुंच को स्वास्थ्य संस्थाओं तक सीमित न रखते हुए समुदाय एवं विद्यालय आधारित सेवा प्रदायगी तंत्र से भी जोड़ा गया है। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं अन्य सामुदायिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक IFA की नियमित उपलब्धता और सेवन सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान, आवश्यक फॉलो-अप तथा कार्यक्रम की प्रगति की सतत मॉनिटरिंग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।


















