पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए, जिससे समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुँचे सके। मंत्री पटेल ने विकास भवन में विभागीय योजनाओं के कार्यों, वित्तीय प्रावधान और व्यय की योजनावार समीक्षा की। मंत्री पटेल ने निर्देशित किया कि जिन योजनाओं में इस तिमाही में व्यय कम हुआ है, वहां कार्यों की गति को तत्काल बढ़ाया जाए और भारत सरकार से संबंधित मुद्दों पर निरंतर फॉलो-अप कर शीघ्र कार्रवाई की जाए। उन्होंने ‘जन मन’ योजना की किश्त का समय पर भुगतान करने, सोशल ऑडिट के लिए विशेष सॉफ्टवेयर का निर्माण करने तथा ‘बीबी रामजी योजना’ के लिए वास्तविकता के आधार पर बजट तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री पेटल ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, रसोइयों को मानदेय, मुख्यमंत्री आवास मिशन, रेडी टू टेक होम राशन, मजरा टोला और क्षतिग्रस्त पुलों के निर्माण संबंधी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय संरचना के पुनर्गठन और योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में विभाग के प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए विकास आयुक्त कार्यालय एवं पंचायत राज संचालनालय के विलय के प्रस्ताव पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री पटेल ने विलय के उपरांत संचालनालय, संभागीय, जिला एवं जनपद कार्यालयों के लिए प्रस्तावित स्वीकृत पदों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।
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