माननीय सर्वोच्च न्यायालय की मेडिएशन कॉन्सिलिएशन ऐंड प्रोजेक्ट कमेटी एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं मनोज कुमार श्रीवास्तव प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल के मार्गदर्शन तथा सुनीत अग्रवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल के द्वारा भोपाल एवं अन्य जिलों में पदस्थ न्यायाधीशगण के लिए पांच दिवसीय मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन लेमन ट्री होटल एमपी नगर में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीना खरे, सीनियर ट्रेनर एवं शाहिद, सीनियर ट्रेनर द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर फूल माला एवं पुष्प अर्पित कर किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुनीत अग्रवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल, तरुणेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम मजिस्ट्रेट सहित प्रशिक्षणार्थी न्यायाधीशगण एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने उद्बोधन में व्यक्त किया कि वैसे तो हमारे समाज में पंच परमेश्वर और पंचायतों के माध्यम से विवादों का निराकरण करने प्रथा पूर्व से विद्यमान है। हमारे बीच में हर व्यक्ति विवाद के समय एक मध्यस्थ बन जाता है, लेकिन मध्यस्थता से विवाद को कैसे समाप्त किया जाए उसके लिए प्रशिक्षित मध्यस्थ होना आवश्यक है और विवाद रहित समाज की परिकल्पना में ऐसे प्रशिक्षण कार्यकम आवश्यक हैं, हमें आशा है कि आप सभी न्यायाधीशगण मध्यस्थता प्रशिक्षण प्राप्त कर विवाद रहित समाज की परिकल्पना को साकार करने में अपनी अहम भूमिका अदा करेंगे।















