उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा “परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोस्कोपी (AAS): तकनीक एवं अनुप्रयोग” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 27 से 29 जनवरी 2026 तक आयोजित होगी, इसका उद्देश्य शोधार्थियों एवं शिक्षकों को AAS की सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। यह कार्यशाला डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल संचालक उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल के निर्देशन एवं डॉ. ज्योति सक्सेना विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ अतिथियों का स्वागत हुआ। कार्यशाला के संयोजक डॉ. आर. के. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोस्कोपी (AAS) के पर्यावरण विश्लेषण, औद्योगिक उपयोग एवं अनुसंधान में महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि वक्ता डॉ. संध्या मोखले, वैज्ञानिक, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी), भोपाल ने प्रदूषण नियंत्रण एवं गुणवत्ता विश्लेषण में AAS की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए इस कार्यशाला से अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु प्रायोगिक सत्रों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सन्दर्भ में उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के अभिनव प्रयासों के साथ-साथ संस्थान की शोध आधारित शिक्षा को भी रेखांकित किया. UGC प्रभारी डॉ मनीष शर्मा द्वारा अपने संबोधन में शोध हेतु विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई. किया गया।
तकनीकी सत्र में श्री स्वर्ण सिंह, टेरिटरी मैनेजर, जेना एनालिटिक्स, नई दिल्ली द्वारा परमाणु अवशोषण स्पेक्ट्रोस्कोपी में आधुनिक उपकरणों एवं नवीन तकनीकों पर व्याख्यान दिया गया। इसके पश्चात AAS मशीन पर हैंड्स-ऑन प्रायोगिक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को उपकरण संचालन, नमूना विश्लेषण एवं डेटा व्याख्या का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. पुष्पा एम. रावतानी आयोजन सचिव द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।कार्यक्रम का संचालन डॉ निधि चौहान सहायक प्राध्यापक रसायन शास्त्र द्वारा किया गया।
कार्यशाला में 30 शिक्षकों और शोध छात्रों द्वारा उत्साहपूर्ण सहभागिता की गई, जिससे प्रतिभागियों की विश्लेषणात्मक क्षमता एवं व्यावहारिक दक्षता में वृद्धि होगी। आयोजन में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ अंजली आचार्य, डॉ संध्या त्रिवेदी, डॉ अखिलेश शेंडे, डॉ गीता वर्मा, सतीश पिपलौदे, श्री अमर प्रकाश पांडेय, गेस्ट फ़ैकल्टी डॉ अंकिता शर्मा, डॉ. ज्योति रघुवंशी, डॉ पल्लवी गुप्ता सहित प्रतिभागी उपस्थित थे।


















