मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्टेट डाटा सेंटर की कार्य प्रणाली का अवलोकन किया और अपेक्षा की है कि पीएम गति शक्ति से समन्वय कर डाटा का आदान प्रदान करें तथा राज्य शासन के सभी विभाग इस ऐप का राज्य की जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्य सचिव श्री जैन ने डाटा सेंटर की गतिविधियों पर संतोष व्यक्त किया और सेंटर के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रम और एमपी एसईडीसी के एमडी आशीष वशिष्ठ और प्रोजेक्ट डायरेक्टर, स्वान अंशुमान राज भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्य सचिव जैन ने डाटा सेंटर की कार्यप्रणाली का काफी सूक्ष्मता से जायजा लिया। उन्होंने ड्रोन डाटा डिपॉजिटरी का अवलोकन किया और खनिज, जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क, सेंट्रल विस्टा जैसी प्रोजेक्ट के लिए किए जा रहे आन लाइन कार्य को भी देखा। उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्वालियर के पटवारी से भी आधुनिक तकनीक से नक्शा आदि बनाने की जानकारी ली।
मुख्य सचिव जैन ने इस परियोजना को आमजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस लैब से नक्शा विहीन और विस्थापित ग्रामों के नक्शा आदि को तैयार करने के उनके विजन को गुणवत्ता से पूर्ण होते देखना सुखद और सराहनीय है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाए और अभी जिन 28 जिलों में यह सुविधा है वहां के कार्यों की जानकारी ली जाए।
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मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय वेबसाइट और डाटा की सुरक्षा के लिए किए जा रहे टूल आधारित कार्य का अवलोकन किया। मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय वेबसाइट और डाटा की सुरक्षा के लिए किए जा रहे टूल आधारित कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने साइबर अटैक से निबटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सूक्ष्मता से जानकारी ली। मुख्य सचिव ने MPSEDC एवं MP SIRT की टीम की सराहना की है, जिन्होंने राज्य डाटा सेंटर को हैक करने के एक संगठित प्रयास की पहचान कर रिवर्स इंजीनियरिंग के माध्यम से उसके स्रोत का पता लगाया तथा चिन्हित की गई इंट्रूज़न्स को सैनिटाइज़ करने के लिये प्रभावी कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त, टीम द्वारा भारत सरकार को पूरे देश में इसी प्रकार के हैकिंग प्रयासों की पहचान करने में सहयोग दिया तथा उनकी रोकथाम के लिये एडवाइजरी जारी करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप यह सुविधा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुकी है।


















