राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकरंग हमारी माटी की सुगंध, लोकजीवन की धड़कन और सदियों से प्रवाहित सांस्कृतिक विरासत का अनुपम एवं जीवंत स्वरूप है। यह महोत्सव, हमारी महान परंपराओं के साथ उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक पुंज हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के साथ लोकरंग महोत्सव का शुभारंभ, राष्ट्रीय समारोह को और भी अधिक अर्थपूर्ण बनाने की सार्थक पहल है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि ‘लोकरंग’ की पहल हम सभी के जीवन में समरसता, प्रेम और गहन राष्ट्र-भावना को और प्रबल करने की प्रेरणा देती रहे, मेरी मंगलकामनाएं है। राज्यपाल पटेल गणतंत्र दिवस की संध्या पर रवींद्र भवन परिसर भोपाल में आयोजित लोकरंग समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम रवीन्द्र भवन स्थित परिसर में बहिरंग मंच पर पांच दिवसीय लोकरंग का शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर संत सिंगाजी के जीवन और योगदान पर केंद्रित प्रभावशाली नृत्य नाट्य प्रस्तुति “खेती खेड़ो हरि नाम की” का आनंद भी लिया। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन को गणतंत्र दिवस की बधाई और सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकरंग महोत्सव में गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में शामिल हुए सैन्य दल, असैन्य दल, सांस्कृतिक दल और झांकी के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
सम्बंधित ख़बरें


















