राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भोपाल द्वारा नालसा के ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत कस्तूरबा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में किया गया। अभियान की गतिविधि क्रमांक-4 के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर अपराध, बाल अधिकार एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 के संबंध में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश श्री हिमांशु कौशल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पॉक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल शोषण से बचाव तथा किसी भी अनुचित व्यवहार के विरुद्ध बिना भय अपनी बात रखने के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को देने के लिए प्रेरित किया।
कौशल ने नालसा, सालसा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक परामर्श, लोक अदालत, मध्यस्थता एवं विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं के बारे में भी बताया।
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, पहचान की चोरी, ऑनलाइन उत्पीड़न, सेक्सटॉर्शन तथा निजी फोटो एवं व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग जैसे अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को ओटीपी एवं पासवर्ड गोपनीय रखने, अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क करते समय सावधानी बरतने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की समझाइश दी गई। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया बताई गई।
जिला विधिक सहायता अधिकारी मुहम्मद जीलानी ने नालसा एवं सालसा की विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विधिक सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने एवं आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

















