मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान कृष्ण पर केंद्रित शोध वृत्त चित्र, नाट्य और संगीत श्रृंखलाओं के लिए समर्पित यूट्यूब डिजिटल प्लेटफॉर्म का संचालन आरंभ करने की योजना है। इसके साथ ही दुर्लभ पांडुलिपियों और शोध पत्रों के लिए उज्जैन में अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। इन गतिविधियों को जन भागीदारी और विभिन्न शासकीय योजनाओं के समन्वय से व्यापक अभियान के रूप में संचालित किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के विचार वर्तमान में भी हमारा पथ प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रीकृष्ण द्वारा उज्जैन के सांदीपनि गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न स्थानों में यात्राएं की गयी। जन सामान्य के लिए ऐसे सभी स्थानों का महत्व तीर्थ के समान है। प्रदेश में स्थित ऐसे स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाए। जीवन प्रबंधन हो या अर्थव्यवस्था का संचालन सभी क्षेत्रों में भगवान कृष्ण के विचार आज भी सामयिक है। कृषि, गौ-संवर्धन सहित उनकी दक्षता वाली कलाओं और विद्याओं पर केंद्रित विचार सत्र और संगोष्ठियां प्रादेशिक व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने यह निर्देश सोमवार को श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्य समिति की मंत्रालय में हुई बैठक में दिए। बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, शिवशेखर शुक्ला, अनुपम राजन, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी तथा अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।
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