मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में जीवात्मा की सेवा को ही सर्वोच्च धर्म माना गया है। सच्चे अर्थों में परमार्थ ही मानव मात्र की सेवा है। शंकरा आई फाउंडेशन ने पांच दशकों से निष्ठा और समर्पण के साथ जरूरतमंदों की नेत्र चिकित्सा कराकर ‘ नर सेवा ही नारायण सेवा’ के संकल्प को साकार किया है। किसी व्यक्ति की आंखों की रौशनी लौटने से उसके जीवन में ही नहीं, पूरे परिवार में खुशियां लौट आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से इंदौर में हुए शंकरा आई फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमानी, सह-संस्थापक डॉ. राधा रमानी सहित फाउंडेशन के सभी समर्पित चिकित्सकों और कर्मठ कर्मचारियों को 50 वर्षों की सफल सेवा यात्रा पूर्ण करने पर मध्यप्रदेश सरकार की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर विकास और जन कल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। गरीब-जरूरतमंदों के नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिले। इस दिशा में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। राज्य में हवाई संपर्क बेहतर हुआ है, जिसका लाभ राज्य में संचालित एयर एम्बुलेंस को भी मिल रहा है। एयर एम्बुलेंस संकट के समय गरीब-जरूरतमंदों को इलाज उपलब्ध कराने का सबसे अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, उद्योग एवं व्यापार, कृषि जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश सशक्त हुआ है। मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में देश का नंबर 1 राज्य बने, यही हमारा संकल्प है।
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