मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की गौरवशाली प्राचीन स्थापत्य विरासत आज भी तकनीक के साथ नये प्रयोग की प्रेरणा देती है। अभियंता अपनी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार से विकास की संभावनाओं को धरातल पर साकार करते हैं। किसी नए मार्ग का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा नहीं देता, बल्कि वह उस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया द्वार खोलता है। अभियंताओं द्वारा तैयार की जाने वाली प्रत्येक परियोजना और डिजाइन में प्रदेश के भविष्य की आर्थिक संरचना की परिकल्पना निहित होती है। सर विश्वेश्वरैया ने अपनी दूरदृष्टि, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र सेवा के भाव से जल प्रबंधन, सिंचाई, औद्योगिक विकास तथा संस्थागत निर्माण के क्षेत्र में ऐसे कार्य किए, जिनका लाभ देश को आज भी मिल रहा है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति का विजन और संकल्प पूरे देश के विकास को नई दिशा दे सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महान सिविल इंजीनियर भारत रत्न से सम्मानित सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर प्रदेश के सभी अभियंताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभियंता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर राज्य स्तरीय समारोह का शुभारंभ किया। समारोह वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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