मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक है। प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या सुझाव आमंत्रित करने के लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नगरीय स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियां संचालित करें, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं, बार कॉउंसिल आदि में चर्चा के सत्र आयोजित कर जनसामान्य से अपनी राय प्रकट करने के लिए कहा जाए। शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में भी अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव आदि इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करें। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की जा सकती है। सभी जिला कलेक्टर इस गतिविधि को प्राथमिकता पर लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश शनिवार को समान नागरिक संहिता जागरूकता अभियान पर जिला कलेक्टर्स की वीसी में दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अनुपम राजन और शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे।
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