भारत सरकार द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत लोक सेवकों के लिए संचालित ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के लिये चलाये गये साधना सप्ताह में मध्यप्रदेश को आईगाट पोर्टल पर अधिकतम पाठयक्रम पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मिला है। साधना सप्ताह गत दो अप्रैल से 10 अप्रैल तक चलाया गया था।
राष्ट्रव्यापी साधना सप्ताह में विभिन्न पाठयक्रमों में पंजीयन करने वाले लोक सेवकों की संख्या 9 लाख 49 हजार 215 रही। एक घण्टे के कोर्स पूरा करने वाले प्रदेश के लोक सेवकों की संख्या 3 लाख 12 हजार 662 रही। चार घंटे के कोर्स पूरा करने वाले लोक सेवकों की संख्या 2 लाख 25 हजार 700 और कम से कम एक एआई कोर्स पूरा करने वाले लोक सेवकों की संख्या 1 लाख 85 हजार 562 रही। साधना सप्ताह के दौरान कर्मयोगी उत्कर्ष बैच 855 को मिला जबकि 92,432 को एआई दक्ष बैच मिला।
केन्द्रीय कार्मिक मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने नई दिल्ली में गत दिवस गरिमापूर्ण समारोह में मप्र को सम्मानित किया। आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा ने पुरस्कार ग्रहण किया। उन्होने विभागों के लोक सेवकों को निरंतर मार्गदर्शन दिया और विभागों में निरंतर समन्वय बनाये रखा। अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने बताया कि अकादमिक स्टाफ और विभागों के सहयोग से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। आसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी को विभागों के लिए एआई आधारित क्षमता निर्माण कार्ययोजनाएं बनाने में उल्लेखनीय योगदान के लिये पुरस्कृत किया गया।
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राज्य स्तर पर जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 10 हजार से ज्यादा लोकसेवकों की श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने विभाग के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होने कहा कि प्रशिक्षण एक निरंतर प्रक्रिया है। लोकहित के कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कार्यदक्षता अनिवार्य है।

















