मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ.भीमराव अंबेडकर के समग्र योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा पंच तीर्थ का विकास किया गया है। इसके पूर्व डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न दिया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत में संविधान के निर्माण और विधि ,शिक्षा,दलित वर्ग के कल्याण आदि क्षेत्रों में डॉ. अंबेडकर की योगदान को दृष्टिगत रखते हुए पंच तीर्थ के विकास का यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके पूर्व की सरकारों ने डॉ. अंबेडकर की उपलब्धियां को महत्व नहीं दिया। उन्हें उनके जीवन में जो सम्मान दिया जा सकता था तत्कालीन सरकार द्वारा नहीं दिया गया। मध्यप्रदेश डॉ .अंबेडकर की जन्म भूमि है। महू (डॉ.अंबेडकर नगर) में स्मारक के निर्माण सहित देश में पंच तीर्थ का विकास किया गया है। उनकी दीक्षाभूमि न सिर्फ नागपुर थी बल्कि लंदन में भी वे उच्च शिक्षा के लिए गए। इस नाते वहां स्मारक और पुस्तकालय का निर्माण किया गया है, जिसे देश-विदेश के लोग देखने पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित डॉ. अंबेडकर मैदान में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के उस दौर में जब अंग्रेजों को भगाकर देश को आजाद करने का संकल्प चल रहा था और ऐसे समय में जब देश सैकड़ों साल की गुलामी के बाद आजादी की तरफ कदम बढ़ा रहा था ऐसे में हमारे समाज की कठिनाइयों का और आपस की कमजोरी का उचित समाधान करने के लिए डॉ. आंबेडकर आगे आए। समाज के अंदर हमारे अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी सभी वर्गों के बीच की कठिनाइयों का समाधान जब तक नहीं करेंगे तब तक आने वाले समय में संकट रहेगा। इस संकट को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने पहचाना कि हमें समाज को संगठित और एकत्रित रखना है। भारत के सभी वर्गों के बीच सम्मान का भाव रखना है। समानता का भाव लाना है। आपस की एकजुटता को बढ़ाना है। इसलिए सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा में लोकतंत्र का दीपक जलाने के लिए मध्य प्रदेश के लाल संविधान के शिल्पी डॉ. भीमराव अंबेडकर को आज सभी कोटि-कोटि नमन करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के अनुयायियों के लिए उनके जन्म स्थान को तीर्थ स्थान बनाने का काम किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
महू की धरती पवित्र धरती है। भारत के पहले विधि मंत्री , भारतीय संविधान के जनक और भारतीय गणराज्य के निर्माता के सम्मान में पंच तीर्थ बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई गई और वे तीर्थं दुनिया के सामने स्थापित हो गए हैं।


















