पशुपालन एवं डेयरी प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने मंगलवार को कृषक कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली तथा पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एंव डेयरी विभाग, म.प्र. गो संवर्धन बोर्ड व सांची बोर्ड के अधिकारियों ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किए जाने वाले कार्यों के बारे में प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी।
प्रमुख सचिव उमराव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए नस्ल सुधार, पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं डेयरी विकास से संबंधित कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से लागू किया जाए, जिससे पशुपालकों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके। प्रदेश में पशुपालकों की आय बढ़ाने एवं दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का तीसरा चरण जल्द ही संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान अंतर्गत दो चरणों में 12 लाख से अधिक पशुपालको के घर पहुंचकर सीधा संवाद किया गया। उन्हें पशुओं के नस्ल सुधार, पशु पोषण व पशु स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया गया।
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