मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण और प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, विशेषकर कृष्णमृग एवं नीलगाय से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शाजापुर जिले में किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष बोमा पद्धति से कृष्णमृग और नीलगाय के रेस्क्यू का अभियान प्रारंभ किया गया था। इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेष टीम की सहायता से वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर निर्धारित सुरक्षित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि वन्यजीवों को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शाजापुर जिले के ग्राम रंथभंवर पहुंचकर कृष्णमृगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संचालित प्रोजेक्ट एन्टीलोप ट्रांसलोकेशन अन्तर्गत किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के द्वितीय चरण का अवलोकन किया। उल्लेखनीय हैं कि उक्त अभियान शाजापुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 09 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके तहत द्वितीय चरण में 2000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब तक शाजापुर जिले से लगभग 1236 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू किए गए कृष्णमृगों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है, इसके लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। वन्यजीवों के सुरक्षित परिवहन के लिए पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
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