परंपरागत खेती से आय में बढ़ोतरी की राह तलाश रहे किसानों के लिए वाटरशेड विकास घटक के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 14 जिलों के 3000 किसान अब कलस्टर आधारित सब्जी उत्पादन से जुड़कर ₹40 से 50 हजार तक की आय अर्जित कर रहे हैं। यह पहल न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त बना रही है, बल्कि गांवों में ग्रामीण आजीविका को भी नई दिशा दे रही है।
रतलाम जिले के नौगांवाकला निवासी तेजपाल जैसे किसान जो पहले सिर्फ खाने लायक सब्जी उगाते थे, अब आधा एकड़ में टमाटर और मिर्च की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। यह बदलाव संभव हुआ है वाटरशेड विकास घटक की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के नवाचार से जिसने पहली बार जल संरक्षण को आजीविका से जोड़ा है।
सम्बंधित ख़बरें
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक कृष्णमोहन झा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की सौजन्य भेंट
हत्याकांड का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया
भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बाढ़ प्रभावितों को आरबीसी के तहत शीघ्र मिलेगी राहत राशि, शासन हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध



















