मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा की धरती जनजातीय भाई बहनों के परिश्रम और उनकी परंपराओं से समृद्ध है। यहां के मेहनती किसानों ने खेती के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। अन्न और फूलों की खेती में भी छिंदवाड़ा अलग स्थान रखता है। यहाँ के संतरे को जी आई टैग से बड़ी पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा को प्रदेश की कॉर्न सिटी कहा जाता है, यहां का स्वीट कॉर्न देशभर में मशहूर है। राज्य सरकार छिंदवाड़ा के मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी उपज के लिए राष्ट्रीय स्तर के नया मार्केट तैयार कर कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है कि छिंदवाड़ा जिले के मक्के की गुणवत्ता और स्वाद को भी देश-दुनिया के मार्केट तक पहुंचाया जाए। इसके लिए किसानों को बेहतर भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और मार्केट लिंकेज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को छिंदवाड़ा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
खेती के साथ ही उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ ही उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। खेती की तरक्की के लिए पानी की उपलब्धता बहुत जरूरी है, छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर जिले की सिंचाई क्षमता 29 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान अपनी उपज का प्रसंस्करण स्वयं करें और उन्हें इसका बेहतर मूल्य मिले। इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से सुविधा दी जा रही हैं। छिंदवाड़ा जिले के 122 हितग्राही इस योजना से लाभान्वित हुए हैं।
सम्बंधित ख़बरें

















