मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही हैं। पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से तथा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से विभिन्न जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक स्थानों पर बाल विवाह रुकवाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति सचेत किया जा रहा है।
राजगढ़
अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कंट्रोल रूम को प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर बाल विवाह रुकवाए। खोईरी स्थित महादेव मंदिर में एक युवक की आयु 21 वर्ष से कम पाए जाने पर विवाह रुकवाया गया। वहीं जीरापुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच में 6 जोड़ों की आयु कम मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए है ।
इसी क्रम में थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रूकवाया। साथ ही आमजन से अपील की गई कि इस प्रकार की घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को दें, ताकि इस सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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देवास
जिले में पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई बाल विवाह रुकवाए। ग्राम डिंगरोदा में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाकर उसे सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। ग्राम मानकुंड में 16 वर्षीय बालिका के बाल विवाह की सूचना पर डायल-112 ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया तथा परिजनों को समझाइश दी। वहीं ग्राम अजीजखेड़ी में 16 एवं 17 वर्ष आयु की दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह भी समय रहते रुकवाए गए। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से सभी मामलों में बाल विवाह पर सफलतापूर्वक रोक लगाई गई।


















