कहते हैं कि मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है… और हौसलों से ही उड़ान होती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है भोपाल की एक होनहार बेटी ने, जिसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता का ऐसा परचम लहराया कि पूरा मध्यप्रदेश गर्व महसूस कर रहा है।”
भोपाल के वल्लभ भवन के सामने स्थित भीम नगर स्लम्स एरिया में रहने वाली कुमारी चांदनी विश्वकर्मा ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं परीक्षा में 500 में से 494 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
चांदनी, नीलबड़ स्थित गुरुदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। रोज़ाना करीब 15 किलोमीटर का सफर तय कर—ऑटो से डिपो चौराहा और फिर स्कूल बस से स्कूल पहुंचना—उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।
“मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, स्कूल और ट्यूशन टीचर्स को देती हूं… मेरा सपना है कि मैं NDA की परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट बनूं।”
तंग गलियों में रहने वाली इस होनहार बेटी के हौसले बुलंद हैं और सपने बड़े।
इस उपलब्धि पर सर्व विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष विनोद विश्वकर्मा के नेतृत्व में समाज के पदाधिकारियों ने चांदनी और उनके माता-पिता का भव्य सम्मान किया।
सम्बंधित ख़बरें
सम्मान समारोह में समाज के जिला अध्यक्ष प्रवीण विश्वकर्मा, सचिव बब्लेश विश्वकर्मा, गुड लक इंडिया के एडिटर विजय विश्वकर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
“चांदनी की ये सफलता सिर्फ एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है जो कठिन हालात में भी अपने सपनों को उड़ान देना चाहती हैं।

















