परवलिया सड़क पुलिस थाने में क्रॉस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रक्षा विहार कॉलोनी से सटी हुई वायु बिल्डकॉन की साइट पर घटित हुए विवाद में नया बदलाव देखने को मिल रहा है। कल तक जहां आरोप लगाए जा रहे थे कि विवाद वायु बिल्डकॉन कंपनी के संचालकों ने किया, वहीं अब जब दूसरे पक्ष की पहुंच पुलिस एफ आई आर तक बनी है, तब यह बात सामने आ रही है कि कंपनी के प्रोजेक्ट को प्रभावित करने की गरज से एक षड्यंत्र अंतर्गत फर्म वायु बिल्डकॉन के विरोधियों द्वारा निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पहुंच मार्ग पर बवंडर खड़ा किया गया। प्रोजेक्ट से संबंधित एक महिला को घेर कर उसे डराया धमकाया गया, आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और उसके साथ धक्का मुक्ति भी हुई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
उल्लेखनीय है कि इंदौर बायपास स्थित रक्षा विहार कॉलोनी से सटकर डेवलप हो रहे हैं एक रिहायशी प्रोजेक्ट की जमीन पर विवाद की बात सामने आई थी। एक पक्ष द्वारा संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि रक्षा विहार में अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश और रक्षा विहार के भीतर से निर्माणाधीन कॉलोनी हेतु रास्ता बनाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ।
जबकि दूसरी रिपोर्ट सामने के आने के बाद खुलासा हुआ कि श्रीमती शिप्रा सिंह वायु बिल्डकॉन कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 12 जुलाई को सुबह लगभग 10:00 बजे कुछ लोगों का समूह वायु बिल्डकॉन द्वारा डेवलप किये जा रहे प्रोजेक्ट के पहुंच मार्ग पर इकट्ठा हुआ। जिनका नेतृत्व अरविंद शुक्ला, एके वर्मा, एसके खुराना, ताहिर अहमद मलिक आदि कर रहे थे। इस आशय की जानकारी साइट पर मौजूद गार्ड ने फरियादिया को दी, तो वे घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पर मौजूद आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर फरियादिया के साथ बदतमीजी की, अश्लील गालियां बकीं और धक्का मुक्की कर उन्हें बुरी नीयत से नीचे गिरा दिया। फल स्वरुप फरियादिया शिप्रा सिंह के हाथ में चोट भी आई। उपद्रवियों ने शासकीय अनुमति अंतर्गत बनाए गए निर्माणाधीन कॉलोनी के रोड को भी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने शिप्रा सिंह को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि अभी भी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया तो तुम लोगों को जान से खत्म कर देंगे। मौके पर पहुंचे शिप्रा के भाई और सहायक ने उन्हें भीड़ से बमुश्किल निकाल कर उनकी जान बचाई।
इस पूरे मामले का एक खास एंगल भी सामने आया है। वह यह कि जिस समय यह पूरा घटनाक्रम घट रहा था, तब शिप्रा सिंह के माता-पिता रक्षा विहार में ही स्थित योग केंद्र में ध्यान मग्न थे। सूचना मिलते ही यह लोग भी घटना स्थल पर पहुंचे और अपनी पुत्री को भीड़ से सुरक्षित किया। शिप्रा सिंह ने खुलासा किया है कि आरोपीगण पिछले 6 महीने से उन्हें परेशान कर रहे हैं। सरकारी विभागों में उनके प्रोजेक्ट को निष्फल बनाने हेतु लगातार शिकायतें की जा रही हैं। चूंकि हमारा प्रोजेक्ट पूरी तरह शासकीय नियमों के तहत निर्माणाधीन है, इसलिए इन्हें सफलता नहीं मिली। इसलिए बौखला कर हमारे खिलाफ हमले की योजना बनाई गई। उल्लेखनीय है की शिप्रा सिंह ने घटना के और उससे पहले प्रोजेक्ट के खिलाफ किये जा रहे षड्यंत्रों के साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस ने शिप्रा सिंह को भरोसा दिलाया है कि जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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