देश के लोकतांत्रिक इतिहास में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई देने के संकल्प के साथ गुरुवार को मंदसौर के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी निर्मला भूरिया ने कहा की नीति निर्धारण में अब महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला “नारी शक्ति वंदन अधिनियम”केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी निर्णय है। उन्होंने कहा, “अब महिलाएं केवल मतदाता नहीं, बल्कि देश की नीति निर्धारक (पॉलिसी मेकर) बनेंगी। यह अधिनियम आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा।” मंत्री भूरिया ने बताया कि 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक संसद में इस विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति और नागरिकों से इस सत्र को गंभीरता से सुनने और समझने का आह्वान किया, जिससे राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बदलती भूमिका को आत्मसात किया जा सके।
शिक्षा और उद्यमिता में बेटियां अव्वल
हाल ही में घोषित 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों का जिक्र करते हुए प्रभारी मंत्री ने बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि स्टार्टअप और उद्योगों के माध्यम से दूसरों को रोजगार भी दे रही हैं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इन प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित करें।
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मंत्री भूरिया ने बोर्ड परीक्षाओं में जिले का नाम रोशन करने वाली मेधावी छात्राओं और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

















