विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मल्लखंभ के प्रदर्शन को देखकर अत्यंत संतोष एवं गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार यह परिसर तैयार हुआ है, वह संकल्प से सिद्धि का एक जीवंत उदाहरण है। समाज सेवा ही राष्ट्र सेवा है, और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सुविधा सम्पन्न बनाना, उसे शिक्षित एवं संस्कारित करना ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन का मूल उद्देश्य रहा है।’’
उपमुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन को स्मरण करते हुए कहाकृ “आओ दीप वहां जलाएं, जहां आज भी अंधेरा है।” उन्होंने कहा कि इस केंद्र को देखकर प्रतीत होता है कि वह संकल्प आज साकार रूप ले रहा है और समाज के वंचित वर्ग के जीवन में उजाला फैल रहा है।’’
सह सरकार्यवाह श्री रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सर्वप्रथम अच्छे व्यक्तियों का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से 100 ग्रामों को चिन्हित कर उन्हें रोगमुक्त, व्यसनमुक्त, विवादमुक्त एवं क्षुधामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने “मेरा गांव, स्वस्थ गांव” की थीम पर कार्य करने का आह्वान करते हुए आदर्श ग्राम निर्माण का संकल्प दोहराया तथा प्रत्येक ग्राम में सद्भावना बैठकों के माध्यम से सामाजिक समरसता एवं स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
राजकुमार मटोले ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण, उच्च आदर्शों एवं मातृशक्ति युक्त परिवेश का निर्माण करना भी हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व क्षमता एवं अपरिमित संभावनाओं से युक्त आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित हो सकें।
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विकासखंड शहपुरा के ग्राम पंचायत बरगांव में स्थित जनजातीय कल्याण केंद्र प्रांगण के बाउंड्री वॉल एवं नर्मदाँचल विद्यापीठ शिक्षक भवन, सोलर पेनल और वार्षिक प्रतिवेदन का भव्य लोकार्पण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल,राम दत्त चक्रधर, राजकुमार मटाले, स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी, राज्य मंत्री एवं संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा पर्यटन मंत्री प्रीतम लोधी की विशेष उपस्थिति रही।


















