उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग परामर्शदात्री समिति की बैठक में उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित समिति कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, विधायक मनीषा सिंह उपस्थित थे। समिति में विभागीय उपलब्धियों पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभागीय योजनाओं के होर्डिंग्स जिले से लेकर जनपद स्तर तक लगाये जाने और किसानों के लिये प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की सलाह दी। बैठक में सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण जॉन किंग्सली एवं आयुक्त अरविंद दुबे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री कुशवाह ने बताया कि मध्यप्रदेश उद्यानिकी उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश संतरा, आम, केला, तरबूज जैसे फलों के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2025-26 को राज्य सरकार द्वारा कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के प्रति किसानों को आकर्षित करने का प्रयास विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वह अपने क्षेत्र में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की योजनाओं का लाभ उठाने के लिये किसान भाइयों को प्रेरित करेंगे। मंत्री कुशवाह ने बताया कि विभाग द्वारा किसान भाइयों को देश के अन्य राज्यों में अध्ययन दौरे के लिये भेजे जाने की कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसमें समिति के सदस्यों को भी आमंत्रित किया जायेगा। यह दौरा मार्च माह के द्वितीय सप्ताह में महाराष्ट्र के जलगाँव और नासिक जिले का किये जाना प्रस्तावित है।
बैठक में आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण दुबे ने बताया कि उद्यानिकी के क्षेत्र में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाएँ संचालित की जाती हैं। राज्य पोषित योजनाओं में फल, पौध-रोपण अनुदान योजना, मसाला क्षेत्र विस्तार योजना, व्यावसायिक उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती प्रोत्साहन योजना प्रमुख हैं। केन्द्र पोषित योजनाओं में ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप,’ प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, एमआईडीएस योजना, मसाला क्षेत्र विस्तार योजना, पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना प्रमुख हैं। उन्होंने योजनाओं की प्रगति से सदस्यों को अवगत कराया।
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