ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नागपंचमी का उल्लास छाया है। मंदिर की परंपरा अनुसार दरमियानी रात 12 बजे एक साल बाद श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले गए। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गिरीजी महाराज ने भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रथम पूजा की। इसके बाद दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है, जो मंगलवार रात 12 बजे तक अनवरत जारी रहेगा।
सम्बंधित ख़बरें
प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त श्री भोंडवे
मंत्री विश्वास सारंग ने द्वारका नगर में बावड़ी की सफाई कर किया श्रमदान
प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की जांच एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने एनएचएम एवं भार्गवी हेल्थ केयर के मध्य एमओयू
सीएम ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अंतर्गत 1835 करोड़ की राशि की अंतरित
मंत्री विश्वास सारंग ने किया ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह-2026 का शुभारंभ



















