ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नागपंचमी का उल्लास छाया है। मंदिर की परंपरा अनुसार दरमियानी रात 12 बजे एक साल बाद श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोले गए। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गिरीजी महाराज ने भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रथम पूजा की। इसके बाद दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है, जो मंगलवार रात 12 बजे तक अनवरत जारी रहेगा।
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